Union Budget 2021: Uttar Pradesh Share Goes Down In Central Taxes. – Budget 2021: केंद्रीय करों में 63 हजार करोड़ रुपये घट गई यूपी की हिस्सेदारी


बजट भाषण सुनते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
– फोटो : amar ujala

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कोरोना महामारी का अर्थव्यवस्था पर असर साफ नजर आ रहा है। केंद्रीय करों में से राज्यों को मिलने वाली हिस्सेदारी को देखें तो यूपी को करीब 63 हजार करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। केंद्रीय योजनाओं व केंद्रीय सहायता के तौर पर मिलने वाली राशि के आंकड़े सामने आने पर आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है।

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 में केंद्रीय करों में से यूपी के लिए 1.40 लाख करोड़ रुपये की हिस्सेदारी तय की थी। लेकिन कोरोना महामारी के कारण संशोधित बजट में यूपी की हिस्सेदारी 41,993 करोड़ रुपये घटाकर 98,618 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

वहीं, वित्त वर्ष 2021-22 के लिए केंद्रीय करों में यूपी की हिस्सेदारी 1.19 लाख करोड़ रखने का प्रस्ताव किया गया है, जो चालू वित्त वर्ष 2020-21 की अनुमानित हिस्सेदारी से 21,216 करोड़ रुपये कम है। दोनों को जोड़कर देखें तो प्रदेश को सीधे तौर पर 63,209 करोड़ रुपये कम मिलने की नौबत आ गई है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि आगामी वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार की उम्मीद जताई गई है। ऐसे में वित्त वर्ष 2021-22 के संशोधित बजट अनुमान, मौजूदा अनुमान के मुकाबले बेहतर नजर आ सकते हैं। ऐसा हुआ तो यूपी को हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई हो सकेगी।

प्रदेश सरकार ने सामान्य परिस्थितियों में वित्त वर्ष 2021-22 में केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी 1.74 लाख करोड़ रहने का अनुमान लगाया था। केंद्र ने इस आम बजट में 1.19 लाख करोड़ का अनुमान लगाया है, जो राज्य के अनुमान से 55 हजार करोड़ कम है।

केंद्रीय करों में इस तरह हिस्सेदारी घटने की नौबत
मद– 2020-21 (बजट अनुमान)– 2020-21 (संशोधित अनुमान)– 2021-22 (बजट अनुमान)
निगम कर– 43,251.70– 28,303.17– 34,737.76      
आय कर– 40,216.34– 28,834.50– 35,300.11
सेंट्रल जीएसटी– 42,559.40– 31,307.48– 38,577.42
कस्टम– 8,776.32– 6,561.27– 7,214.34
केंद्रीय उत्पाद शुल्क– 734.15– 3,510.44    3,493.62
सर्विस टैक्स– 74.99– 102.92– 73.55
योग– 1,40,611.48– 98,618.40– 1,19,395.30
नोट-आंकड़े करोड़ रुपये में हैं।

केंद्रीय करों में हिस्सेदारी घटने के बावजूद यूपी को केंद्र से करीब 2 लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। हालांकि यह भी प्रदेश सरकार के मध्यकालिक राजकोषीय पुन:संरचना नीति-2020 में लगाए गए अनुमान 2.65 लाख करोड़ रुपये से 61 हजार करोड़ कम है।

इस दो लाख करोड़ में केंद्रीय करों के रूप में प्रदेश को 1,19,395.30 करोड़ का आवंटन भी शामिल है। दरअसल राज्यों को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के अलावा केंद्र सहायतित योजनाओं व 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार स्थानीय निकायों व एसडीआरएफ आदि मद में सहायता मिलती है।

– केंद्र सहायतित परियोजनाओं व एनडीआरएफ के लिए आम बजट में राज्यों के लिए 3,75,746 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। जानकार बताते हैं कि यूपी को करीब 15 फीसदी आवंटन मिल पाता है। इस हिसाब से 56,361 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।

– ग्रामीण व शहरी स्थानीय निकायों के अनुदान व राज्य आपदा मोचक निधि के लिए सहायता तथा अंतरण के पश्चात राजस्व घाटा अनुदान मद में केंद्र ने 2,20,843 करोड़ का प्रस्ताव किया है। यूपी को इन मदों में करीब 13 प्रतिशत आवंटन मिलता रहा है। इस हिसाब से 28,709 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।

– इस तरह केंद्र से सभी तीन तरह की सहायता मिलाकर 2.04 लाख करोड़ रुपये मिल सकते हैं।

कोरोना महामारी का अर्थव्यवस्था पर असर साफ नजर आ रहा है। केंद्रीय करों में से राज्यों को मिलने वाली हिस्सेदारी को देखें तो यूपी को करीब 63 हजार करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। केंद्रीय योजनाओं व केंद्रीय सहायता के तौर पर मिलने वाली राशि के आंकड़े सामने आने पर आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है।

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 में केंद्रीय करों में से यूपी के लिए 1.40 लाख करोड़ रुपये की हिस्सेदारी तय की थी। लेकिन कोरोना महामारी के कारण संशोधित बजट में यूपी की हिस्सेदारी 41,993 करोड़ रुपये घटाकर 98,618 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

वहीं, वित्त वर्ष 2021-22 के लिए केंद्रीय करों में यूपी की हिस्सेदारी 1.19 लाख करोड़ रखने का प्रस्ताव किया गया है, जो चालू वित्त वर्ष 2020-21 की अनुमानित हिस्सेदारी से 21,216 करोड़ रुपये कम है। दोनों को जोड़कर देखें तो प्रदेश को सीधे तौर पर 63,209 करोड़ रुपये कम मिलने की नौबत आ गई है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि आगामी वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार की उम्मीद जताई गई है। ऐसे में वित्त वर्ष 2021-22 के संशोधित बजट अनुमान, मौजूदा अनुमान के मुकाबले बेहतर नजर आ सकते हैं। ऐसा हुआ तो यूपी को हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई हो सकेगी।


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प्रदेश के अनुमान से 55 हजार करोड़ की कमी



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