Up Ats Is Investigating Cyber Fraud In Uttar Pradesh. – फर्जी सिम, फर्जी आईडी से ऑनलाइन खोले गए खाते, लाखों रुपये का आदान-प्रदान किया, जांच में जुटी एटीएस


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 17 Jan 2021 10:19 AM IST

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यूपी एटीएस को एक ऐसे साइबर फ्रॉड के बारे में जानकारी हुई है, जिसकी मदद से लाखों रुपये फर्जी तरीके से खोले गए खातों में आए और फिर खातों से कार्डलेस ट्रांजेक्शन कर रकम भी निकाल ली गई। ये खाते फर्जी सिम कार्ड और फर्जी आईडी से ऑनलाइन खोले गए थे।

एटीएस ने मुरादाबाद, अमरोहा और संभल में छापेमारी कर उन लोगों को हिरासत में लिया है, जिन्होंने फर्जी कागजात पर सिमकार्ड बेचे थे। अब एटीएस उन खातों को पता लगाने के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए है, जहां से खातों का संचालन किया जा रहा था और पैसे निकाले जा रहे थे। एटीएस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पैसे कहां से जमा हो रहे थे, किस मशीन से निकाले जा रहे थे और इन पैसों का इस्तेमाल कहां हो रहा था?

एटीएस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं हवाला के पैसे खातों के जरिए तो नहीं आ रहे थे? या फिर मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा खेल तो नहीं खेला जा रहा है? एटीएस रविवार या सोमवार को इस पूरे मामले का खुलासा कर सकती है।

फर्जी सिम से खोले गए खातों और कार्डलेस ट्रांजेक्शन के बारे में एटीएस यह पता लगाने में जुटी है कि इस खेल में किन लोगों का हाथ है? क्या इसमें विदेशी ताकतें शामिल हैं? इन पैसों का इस्तेमाल देश के विरुद्ध तो नहीं किया जा रहा था? जासूसी के लिए इन पैसों का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा था?

एटीएस पता लगा रही कि फर्जी सिम से खोले गए खातों और कार्डलेस ट्रांजेक्शन के इस खेल में किन लोगों का हाथ है? क्या इसमें विदेशी ताकतें शामिल हैं? इन पैसों का इस्तेमाल देश के विरुद्ध तो नहीं किया जा रहा था? जासूसी के लिए इन पैसों का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा था?

सूत्रों का कहना है कि यूपी एटीएस ने शनिवार को दिल्ली में भी पांच स्थानों पर छापे मारे हैं। एटीएस को उन लोगों की तलाश कर रही है जो खातों से पैसे निकालते थे। जिन लोगों के नाम से खाते हैं, उन्हें हिरासत में लेकर पड़ताल की गई थी, लेकिन उन्हें खाते के बारे में ही कोई जानकारी नहीं थी। पैसे जहां से निकाले गए, वहां ये लोग कभी गए ही नहीं।

कार्डलेस ट्रांजेक्शन से पकड़ में नहीं आ पा रही चेन
एटीएस सूत्रों का कहना है कि विभिन्न खातों में जमा की गई रकम कार्डलेस ट्रांजेक्शन के जरिए निकाली गई है, इसलिए पूरी चेन को पकड़ पाना मुश्किल हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में बैंक अधिकारियों और बैंक के विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।

यूपी एटीएस को एक ऐसे साइबर फ्रॉड के बारे में जानकारी हुई है, जिसकी मदद से लाखों रुपये फर्जी तरीके से खोले गए खातों में आए और फिर खातों से कार्डलेस ट्रांजेक्शन कर रकम भी निकाल ली गई। ये खाते फर्जी सिम कार्ड और फर्जी आईडी से ऑनलाइन खोले गए थे।

एटीएस ने मुरादाबाद, अमरोहा और संभल में छापेमारी कर उन लोगों को हिरासत में लिया है, जिन्होंने फर्जी कागजात पर सिमकार्ड बेचे थे। अब एटीएस उन खातों को पता लगाने के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए है, जहां से खातों का संचालन किया जा रहा था और पैसे निकाले जा रहे थे। एटीएस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पैसे कहां से जमा हो रहे थे, किस मशीन से निकाले जा रहे थे और इन पैसों का इस्तेमाल कहां हो रहा था?

एटीएस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं हवाला के पैसे खातों के जरिए तो नहीं आ रहे थे? या फिर मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा खेल तो नहीं खेला जा रहा है? एटीएस रविवार या सोमवार को इस पूरे मामले का खुलासा कर सकती है।


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पैसे का इस्तेमाल देश के विरुद्ध तो नहीं



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