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Up Government Issued Directions Related To Epfo. – ईपीएफओ से जुड़ी शिकायतों पर यूपी सरकार का निर्देश, कर्मचारियों का अंशदान जमा और भुगतान सुनिश्चित कराएं


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उत्तर प्रदेश सरकार ने कर्मचारी प्रोविडेंट फंड (ईपीएफ) से जुड़ी राशि समय से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में कर्मचारियों के खाते में जमा करने की व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है। अपर मुख्य सचिव श्रम के निर्देश पर औद्योगिक विकास विभाग ने सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों व औद्योगिक संस्थाओं को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

दरअसल, शासन को लगातार शिकायत मिल रही है कि कई कर्मचारियों का ईपीएफ नहीं काटा जा रहा है। कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों का नियोक्ता ईपीएफ काट रहे हैं, लेकिन उनके खाते में उसे जमा नहीं कर रहे हैं। कई मामलों में कंपनी, कर्मचारी व नियोक्ता दोनों का अंशदान कर्मचारी के ही वेतन से काटा जा रहा है।

कर्मचारियों को ईपीएफ में जमा धन के बारे में न तो जानकारी दी जा रही है और न ही कर्मचारी द्वारा निकासी की मांग पर समय पर भुगतान हो रहा है। शिकायतें मुख्यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल व अन्य माध्यमों से आ रही हैं। सरकार ने इस तरह की व्यवस्था को सरकार की कल्याणकारी नीतियों के विरुद्ध माना है।

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गीडा, लीडा, सीडा, यूपीडा, यूपीसीडा व यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों, वित्तीय निगम, पिकप, स्टेट यार्न कंपनी, सहकारी कताई मिली संघ, स्टेट स्पिनिंग कंपनी व राज्य वस्त्र निगम के प्रबंध निदेशकों, इंस्टीट्यूट ऑफ टूलरूम ट्रेनिंग के महाप्रबंधक तथा मुद्रण व लेखन सामग्री के निदेशक को इस संबंध में कार्यवाही का निर्देश दिया है।

इन अधिकारियों से कहा गया है कि श्रम विभाग के निर्देशों का पालन कराएं। यह सुनिश्चित करें कि  नियोक्ताओं द्वारा कार्यरत श्रमिकों का ईपीएफ का अंशदान नियमानुसार जमा कराया जा रहा है। नियोक्ता द्वारा कर्मचारियों के वेतन में काटी गई राशि के साथ स्वयं का अंशदान भी समय से जमा किया जाए। साथ ही कर्मचारियों के पीएफ में जमा धन की समय-समय पर उन्हें जानकारी भी दी जाए और समय से उनके पीएफ के भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

सरकारी व अर्धसरकारी विभागों में सेवा प्रदाता एजेंसियों से जुड़ी शिकायतें हैं। बताया गया है कि आउटसोर्सिंग पर काम करने वाले कर्मचारियों के संबंध में सरकारी विभागों द्वारा ईपीएफ अंशदान का भुगतान सेवा प्रदाता को किया जा रहा है। लेकिन सेवा प्रदाता ईपीएफ अंशदान ईपीएफओ के पक्ष में जमा नहीं करा रहे हैं।

शासन ने सेवा प्रदाताओं के मामले में विभागाध्यक्षों, मंडलीय, जिला, तहसील व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को कर्मचारियों का ईपीएफ अंशदान कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में जमा कराना सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने कर्मचारी प्रोविडेंट फंड (ईपीएफ) से जुड़ी राशि समय से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में कर्मचारियों के खाते में जमा करने की व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है। अपर मुख्य सचिव श्रम के निर्देश पर औद्योगिक विकास विभाग ने सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों व औद्योगिक संस्थाओं को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

दरअसल, शासन को लगातार शिकायत मिल रही है कि कई कर्मचारियों का ईपीएफ नहीं काटा जा रहा है। कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों का नियोक्ता ईपीएफ काट रहे हैं, लेकिन उनके खाते में उसे जमा नहीं कर रहे हैं। कई मामलों में कंपनी, कर्मचारी व नियोक्ता दोनों का अंशदान कर्मचारी के ही वेतन से काटा जा रहा है।

कर्मचारियों को ईपीएफ में जमा धन के बारे में न तो जानकारी दी जा रही है और न ही कर्मचारी द्वारा निकासी की मांग पर समय पर भुगतान हो रहा है। शिकायतें मुख्यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल व अन्य माध्यमों से आ रही हैं। सरकार ने इस तरह की व्यवस्था को सरकार की कल्याणकारी नीतियों के विरुद्ध माना है।


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निदेशक को इस संबंध में कार्यवाही का निर्देश दिया



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