Most Popular

Social Media

Get The Latest Updates

Subscribe To Our Weekly Newsletter

No spam, notifications only about new products, updates.

Uttarakhand । cloudburst hit Several houses & roads । Kumarada village of Chiniyalisaur block। Uttarkashi & Saini Tok area of Narkota village in Rudraprayag | उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में कई घर मिट्टी में दबे, ऊंचे इलाकों में पहुंचकर लोगों ने जान बचाई


  • Hindi News
  • National
  • Uttarakhand । Cloudburst Hit Several Houses & Roads । Kumarada Village Of Chiniyalisaur Block। Uttarkashi & Saini Tok Area Of Narkota Village In Rudraprayag

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

देहरादून5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
फोटो उत्तरकाशी जिले के कुमरदा गांव की है। यहां बादल फटने से कई घरों को नुकसान पहुंचा है। - Dainik Bhaskar

फोटो उत्तरकाशी जिले के कुमरदा गांव की है। यहां बादल फटने से कई घरों को नुकसान पहुंचा है।

उत्तराखंड में एक बार फिर बादल फटे हैं। उत्तरकाशी के कुमरदा गांव और रुद्रप्रयाग जिले के नकोट में ये घटनाएं हुई हैं। यहां तेज पानी के बहाव में कई घरों की दीवारें और गोशाला बह गईं बहाव के साथ पहाड़ों की मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा भी साथ में बह गया। इसके कारण लोगों के घरों में कई फीट तक मिट्टी भर गई। ग्रामीणों ने किसी तरह ऊंचे स्थानों पर चढ़कर अपनी जान बचाई। हादसे में किसी की जान जाने की फिलहाल सूचना नहीं है।

इसके अलावा टिहरी के कई इलाकों में भी अतिवृष्टि हुई है। यहां एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस राहत-बचाव के काम में लगे हैं। उत्तराखंड में पिछले 4 दिनों से मौसम खराब बना हुआ है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है। एक दिन पहले सोमवार की शाम चमोली जिले में ओलाबारी हुई थी।

स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम राहत-बचाव में लगी हुई है। (रुद्रप्रयाग नरकोटा)

स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम राहत-बचाव में लगी हुई है। (रुद्रप्रयाग नरकोटा)

बादल फटने के बाद लोगों के घरों में बारिश के पानी के साथ मलवा भी बहकर आ गया। (रुद्रप्रयाग नरकोटा)

बादल फटने के बाद लोगों के घरों में बारिश के पानी के साथ मलवा भी बहकर आ गया। (रुद्रप्रयाग नरकोटा)

रेस्क्यू टीम को घटना वाली जगह पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। (रुद्रप्रयाग नरकोटा)

रेस्क्यू टीम को घटना वाली जगह पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। (रुद्रप्रयाग नरकोटा)

लोगों के घरों में कई फीट तक पानी भर गया, किसी तरह ऊंचाई पर पहुंचकर जान बचाई। (कुमरदा उत्तरकाशी)

लोगों के घरों में कई फीट तक पानी भर गया, किसी तरह ऊंचाई पर पहुंचकर जान बचाई। (कुमरदा उत्तरकाशी)

बादल फटने से पहाड़ी इलाके में बने घरों को काफी नुकसान हुआ है। (कुमरदा उत्तरकाशी)

बादल फटने से पहाड़ी इलाके में बने घरों को काफी नुकसान हुआ है। (कुमरदा उत्तरकाशी)

ग्लेशियर टूटने से हुई थी 10 से ज्यादा की मौत
इससे पहले भारत-चीन बॉर्डर से लगी चमोली जनपद के जोशीमठ में 23 अप्रैल को ग्लेशियर टूटकर मलारी-सुमना सड़क पर आ गया था। बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने बताया था कि सड़क निर्माण का काम चलने के दौरान हादसा हुआ था। इस हादसे में 10 से ज्यादा मजदूरों की मौत हुई थी। ग्लेशियर टूटने का कारण भारी बर्फबारी को माना गया था। हादसे की वजह से जोशीमठ-मलारी हाईवे भी बर्फ से ढक गया था।

फरवरी में आ चुका है जल प्रलय
इससे पहले उत्तराखंड में 7 फरवरी 2021 की सुबह साढ़े 10 बजे चमोली जिले के तपोवन में ग्लेशियर टूटकर ऋषिगंगा नदी में गिरा था। हादसे के बाद 50 से ज्यादा लोगों की लाश मिली थी, जबकि 150 से ऊपर लोग ऐसे थे, जिनका हादसे के बाद कोई पता नहीं चल पाया। प्रशासन ने कुछ दिन तक चली खोजबीन के बाद इन्हें भी मृत मान लिया था। नदी में ग्लेशियर गिरने से धौलीगंगा पर बन रहा एक बांध बह गया था। तपोवन में एक प्राइवेट पावर कंपनी के ऋषिगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट और सरकारी कंपनी NTPC के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा था। आपदा में सबसे ज्यादा नुकसान यहीं हुआ था।

खबरें और भी हैं…



Source link

Share:

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on linkedin
Share on whatsapp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *