विकास दुबे का करीबी अमर दुबे पुलिस मुठभेड़ में मारा गया

हमीरपुर ज़ीले मे भोर सुबह बड़ी मुठभेड़: 

कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के छह दिन बाद वारदात के मुख्य आरोपी विकास दुबे का साथी बुधवार सुबह हमीरपुर जिले में मुठभेड़़ में मारा गया। एसटीएफ के महानिरीक्षक अमिताभ यश ने  बताया कि विकास दुबे का साथी अमर दुबे हमीरपुर के मौदहा में एक मुठभेड़ में मारा गया। उन्होंने बताया कि दुबे पर 25000 रुपये का इनाम घोषित था और वह पिछले हफ्ते चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में बदमाशों द्वारा घात लगाकर आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में शामिल था।

एसपी हमीरपुर श्लोक कुमार ने बताया कि अमर दुबे की लाेकेशन मौदहा के आसपास मिली थी। आज सुबह हमीरपुर पुलिस व एसटीएफ की चेकिंग के दौरान अमर दुबे ने पुलिस बल पर फायरिंग की। दोनों तरफ से चली गोली में अमर दुबे घायल हुआ जिसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गोलीबारी में घायल इंस्पेक्टर मनोज शुक्ल व एक सिपाही को भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि अमर दुबे के पास से ऑटोमैटिक गन व कई हथियार मिले है। इससे पहले शुक्रवार को वारदात के बाद दुबे के दो साथी प्रेम प्रकाश पांडे और अतुल दुबे भी पुलिस से मुठभेड़ में मारे गए थे। हालांकि इस जघन्य वारदात का मुख्य आरोपी ढाई लाख रुपये का इनामी गैंगस्टर विकास दुबे अब भी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगी हुई हैं। इसके पहले, मंगलवार रात कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार प्रभु ने बिकरु गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद सवालों के घेरे में आए चौबेपुर थाने में तैनात सभी 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था।

उधर, एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में सरकार ने गैंगस्टर विकास दुबे के प्रति नरमी दिखाने के आरोपों से घिरे कानपुर के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव तिवारी को भी एसटीएफ के उपमहानिरीक्षक पद से हटा दिया। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि चौबेपुर थाने में तैनात कई उप निरीक्षकों, प्रधान आरक्षियों और सिपाहियों समेत 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने का यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि बिकरू कांड के बाद उनकी कर्तव्यनिष्ठा संदेह के घेरे में आ गई थी।  उन्होंने बताया कि गैंगस्टर विकास दुबे को बचाने में चौबेपुर थाने के इंस्पेक्टर विनय तिवारी तथा अन्य पुलिसकर्मियों की संलिप्तता के आरोप लगने के बाद इसकी जांच के आदेश दिए गए थे। शुरुआती जांच में यह पाया गया कि थाने में तैनात कई पुलिस उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल हिस्ट्रीशीटर दुबे के लिए मुखबिरी कर रहे थे।

विकास फरीदाबाद के होटल में छिपा था :

यूपी का इस समय का मोस्ट वांटेड हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे फरीदाबाद में नेशनल हाईवे के पास एक होटल में रुका हुआ था। उसके साथ दो और साथी ठहरे थे। विकास फरीदाबाद में रहने वाले अपने एक परिचित की मदद से दिल्ली की कोर्ट में समर्पण करने की तैयारी में था। एसटीएफ और हरियाणा पुलिस को मंगलवार शाम इस बारे में भनक लगी लेकिन इन टीमों के पहुंचने से पहले एक बार फिर विकास दुबे का नेटवर्क भारी पड़ गया और वह वहां से फरार हो गया। दिल्ली, हरियाणा और यूपी सीमा पर नाकेबंदी कर दी गई थी।

सीसी फुटेज में दिखा विकास दुबे:

पुलिस अफसरों के मुताबिक बड़खल चौक के पास ओयो होटल है। इसमें विकास के रुकने की सूचना पर पुलिस पहले उसके मददगार को लेने भारत कालोनी पहुंची। यहां उसने दो लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें लेकर होटल पहुंच कर घेरा बंदी की। पर, पुलिस के पहुंचने से पहले वह फरार हो चुका था। सीसी फुटेज में वह बाहर खड़ा दिखायी पड़ा। रिसेप्शन के पास की भी फुटेज मिली है। इसमें नीली टीशर्ट पहने वह खड़ा हुआ है। उसके पास एक काला बैग भी था। बाल उसने काफी छोटे करा रखे हैं। एसटीएफ की एक टीम भी देर रात के लिए वहां रवाना हो गई थी।

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